प्रशांत पंड्या का फिला जगत

डाक टिकट संग्रह के सर्व प्रथम हिन्दी ब्लॉग में आपका स्वागत है | इस माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय भाषा में डाक टिकट संग्रह के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का यह एक प्रयास है |

महात्मा गाँधी का नमक सत्याग्रह:

महात्मा गाँधी का नमक सत्याग्रह दांडी मार्च के नाम से भी जाना जाता है |  यह नमक सत्याग्रह १२ मार्च, १९३० को दांडी मार्च के साथ शुरू हुआ था और यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था | नमक सत्याग्रह भारत में ब्रिटिश नमक कर एकाधिकार के खिलाफ अहिंसक विरोध का एक अभियान था | महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम, अहमदाबाद से दांडी नामक गांव के निकट समुद्र तट के लिए दांडी मार्च का नेतृत्व किया | महात्मा गाँधी ने इस दांडी यात्रा को २४ दिन में २४० मील (३९० कि.मी.) की पद यात्रा करके दांडी पहुँचाया और ६ अप्रैल १९३० को सुबह ६:३० को नमक कर के भुगतान के बिना नमक का उत्पादन कर के ब्रिटिश राज के नमक कानून के खिलाफ सविनय कानून भंग का ऐलान किया | महात्मा गांधी की इस दांडी यात्रा में लोंगो ने यात्रा में शामिल होकर नमक सत्याग्रह को सहयोग दिया |

दांडी यात्रा के पहले दिन २१ किलोमीटर की यात्रा अहमदाबाद के असलाली पहुंची और वहां गांधीजी ने करीब ४००० लोगों की भीड़ को संबोधित किया | इस दांडी यात्रा के दौरान प्रत्येक गांव में गांधीजी का अभिवादन किया गया और यात्रियों को बधाई दी | गांधीजी ने अपने भाषण में नमक सत्याग्रह को "गरीब आदमी की लड़ाई" बताया | 

Dandi March Route Chart
Route Map





 
 


Date
Starting Point
Night Halt
12th March
Ahmedabad
Aslali
13th March
Aslali
Navagam
14th March
Navagam
Matar
15th March
Matar
Nadiad
16th March
Nadiad
Anand
17th March
Rest day at Anand
18th March
Anand
Borsad
19th March
Borsad
Kankapura
20th March
Kankapura
Kareli
21st March
Kareli
Ankhi
22nd March
Ankhi
Amod
23rd March
Amod
Samni
24th March
Rest day at Samni
25th March
Samni
Derol
26th March
Derol
Ankleshwar
27th March
Ankleshwar
Mangrol
28th March
Mangrol
Umrachi
29th March
Umrachi
Bhatgam
30th March
Bhatgam
Delad
31st March
Rest day at Delad
1st April
Delad
Surat
2nd April
Surat
Vanz
3rd April
Vanz
Navsari
4th April
Navsari
Karadi
5th April
Karadi
6th April
Dandi

इस ऐतिहासिक दांडी मार्च के स्मरण में भारतीय डाक विभाग द्वारा विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किए गए हैं | २ अक्तूबर १९८० के दिन दो टिकटों का एक सेट जारी किया गया था  और चार स्मारक डाक टिकटों का एक सेट दांडी यात्रा की ७५ वीं वर्षगांठ पर ५ अप्रैल २००५ को जारी किया गया था | इसके अलावा विशेष डाक कवर और अन्य टिकट संग्रह सामग्री भी इस विषय पर उपलब्ध है |

 दांडी मार्च के स्मरण में २२ विशेष पिक्चर पोस्टकार्ड का आयोजन 

गुजरात राज्य डाक टिकट प्रदर्शनी, गुजपेक्स २०११ जो २३ से २५ दिसम्बर २०११ के दौरान वडोदरा में आयोजित किया जा रहा है इस अवसर पर ऐतिहासिक दांडी मार्च के स्मरण में २२ विशेष पोस्टकार्ड का एक सेट जारी किया जा रहा है |

इस विशेष २२ पोस्ट कार्ड आश्रम रोड डाकघर, अहमदाबाद और दांडी मार्च के दौरान मार्ग में महात्मा गांधी जिन जिन गांवों में रात रुके थे उन सभी गांवों से पोस्ट किये जायेंगे | सभी पोस्ट कार्ड सचिव, गुजपेक्स २०११, c/o पोस्ट मास्टर, दांडी को संबोधित किये जाएँगे और सामान्य डाक द्वारा दांडी प्रेषित किये जायेंगे |

केवल ५०० पोस्ट कार्ड प्रत्येक २२ स्थानों से पोस्ट किये जाएँगे और इन पोस्ट कार्ड पर १ से ५०० क्रमांक मुद्रित किये जायेंगे | दांडी में इस २२ पोस्टकार्ड के वितरण के बाद ५०० सेट बनाये जायेंगे | हर एक सेट में प्रत्येक पोस्टकार्ड एक ही नंबर के होंगे | २२ पोस्ट कार्ड पर जहाँ से पोस्टकार्ड पोस्ट किया गया है उस स्थान का पोस्टमार्क और दांडी डाक घर का डिलीवरी पोस्टमार्क रहेगा | ऐसे प्रत्येक सेट को एक हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र के साथ खादी के लिफाफे में रखा जाएगा |

इन पोस्टकार्ड के ५०० सेट में से केवल ४५० सेट बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे और प्रत्येक सेट की कीमत रुपए १०००/- रखी गयी है | हालांकि पहली १०० सेट के पूर्व बुकिंग पर ३०% की छूट प्रदान की जाएगी अर्थात पूर्व बुकिंग पर कीमत रहेगी केवल ७००/- रुपये औरे १०० सेट के बुकिंग के बाद शेष सेट पर १५% की छूट प्रदान की जाएगी अर्थात् कीमत रहेगी केवल ८५०/- रुपये | गुजपेक्स २०११ प्रदर्शनी के दौरान भी बिक्री पर १५% की छूट का प्रदान की जाएगी अर्थात् प्रदर्शनी के स्थल पर यह सेट केवल ८५०/- रूपये में उपलब्ध होगा |

पूर्व बुकिंग का अनुरोध अपेक्षित राशि के साथ निदेशक, डाक प्रशिक्षण केन्द्र, वड़ोदरा को भेजा जा सकता है | अपेक्षित राशि का भुगतान मनी आर्डर द्वारा किया जा सकता है | यदि राशि मनी आर्डर द्वारा भेजी जा रही है तो राशि 15% छूट के हिसाब से भेजनी जरुरी है | यदि भेजने वाले का क्रम प्रथम १०० सेट की पूर्व बुकिंग के क्रम में आएगा तो उन्हें ३०% की छूट दी जायेगी और शेष राशि बाद में वापस भेजी जाएगी | १०० सेट के बुकिंग पूर्ण होने पर उसके बाद मिले हुए बुकिंग पर सिर्फ १५% की छुट दी जाएगी | बुकिंग का भुगतान व्यक्ति तौर पर नकद में भी किया जा सकता है | प्री-बुकिंग २१ दिसम्बर २०११ तक स्वीकार किया जाएगा |

बुक किये हुए पोस्टकार्ड के सेट व्यक्तिगत रूप से प्रदर्शनी के आयोजन स्थल से प्राप्त करने के लिए पहचान पत्र औरे मनी आर्डर रिसिप्ट दिखाना आवश्यक है | यदि बुक किये गए सेट व्यक्तिगत रूप से नहीं एकत्र किये जाते है, तो उसे बीमा डाक द्वारा भेजा जाएगा |

Address for sending e-MO / i-Mo:

Director
Postal Training Centre
Harni Road,
Harni Colony P.O.
VADODARA - 390 022

- गुजपेक्स २०११ सचिवालय, पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय, वडोदरा क्षेत्र, वडोदरा-३९० ००२ से प्राप्त ९ दिसम्बर २०११ के प्रेस नोट पर आधारित |






Original footage of Mahatma Gandhi and his followers marching to Dandi in the Salt Satyagraha (Dandi March)
Courtesy: Wikipedia, the free encyclopedia

गुजरात डाक मंडल द्वारा 'GUJPEX - 2011', १२वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी का आयोजन वड़ोदरा शहर में २३ से २५ दिसम्बर २०११ के दौरान किया जा रहा है | यह प्रदर्शनी अकोटा अतिथि गृह, अकोटा स्टेडियम के सामने, अकोटा रोड, वड़ोदरा में आयोजित की जाएगी | राज्य स्तर की यह १२वीं प्रदर्शनी है और वड़ोदरा शहर में यह राज्य स्तरीय प्रदर्शनी चौथी बार आयोजित की जा रही है |

इस डाक टिकट प्रदर्शनी के दौरान, विविध विषयों के ऊपर छह विशेष डाक कवर (Special Covers) जारी करने की योजना हैं |

गुजरात राज्य के डाक टिकट संग्राहक एवं बच्चे और शालाएं इस प्रदर्शनी में भाग ले सकते हैं | इस प्रदर्शनी में आमंत्रित वर्ग में देश के प्रतिष्ठित डाक टिकट
संग्राहको के संग्रह को भी प्रदर्शित किया जायेगा |

देश के सभी राज्यों से डाक टिकट डीलर भी इस डाक टिकट प्रदर्शनी 'गुजपेक्स २०११' में
भाग ले रहे हैं | डाक टिकट संग्रहको को लिए टिकट संग्रह सामग्री खरीदने यह बहेतरीन मौका होगा |

प्रदर्शनी से संबंधित जानकारी निम्न पते से प्राप्त
की जा सकती है :
सचिव 'GUJPEX - 2011' / सहायक निदेशक डाक सेवा (टी)
पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय,
वडोदरा क्षेत्र,
वडोदरा - ३९० ००२, गुजरात 

VISIT GUJPEX-2011 FROM 23 - 25 DECEMBER 2011 AT VADODARA


दोस्तों,

मेरे १५ जून २००९ के पोस्ट मैंने व्यक्तिगत डाक टिकटों के बारे में लिखा था | मैंने भारत में व्यक्तिगत या निजी डाक टिकट के प्रायोगिक रूप पर जारी किए जाने के बारे में भी लिखा था | उस वक्त भारत में आधिकारिक तौर पर व्यक्तिगत डाक टिकट जारी नहीं किये गए थे लेकिन अब हमारी प्रतीक्षा का अंत काफी निकट है |


दिल्ली में आयोजित विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी 'INDIPEX-2011' १२ फरवरी २०११ से प्रगति मैदान में शुरू हो रही है | इस प्रदर्शनी में विश्व के करीब ७० देशो के डाक टिकट संग्रहको ने भाग लिया है |
इस् प्रदर्शनी की सबसे रोमांचक बात यह है के इस प्रदर्शनी के दौरान भारतीय डाक विभाग द्वारा व्यक्तिगत या निजी डाक टिकट 'MY STAMPS' भारत में पहली बार जारी किये जा रहे है | व्यक्तिगत या निजी डाक टिकट पर आप अपनी मुस्कुराती हुई तस्वीर छपवा कर उसका उपयोग अपने प्रियजनों और दोस्तों को बधाई भेजने के लिए या अपने और कोई निजी प्रयोग के लिए कर सकते है | ये निजी डाक टिकट छह विषयों के डाक टिकटों पर मुद्रित किया जाएगा: १. रेल, २. हवाई जहाज, वन्य जीव, पंचतंत्र, राशियों और ताज महल | इस विषयों के डाक टिकट के साथ आपको अपनी पसंदीदा तस्वीर की व्यक्तिगत टिकटें मिल सकती है | तो दोस्तों INDIPEX-2011 के दौरान अपनी तस्वीर क्लिक कराये और अपना स्वयं का डाक टिकट बनवा कर घर जाए |

भारतीय डाक विभाग INDIPEX-2011 के दौरान १३ फरवरी को छह टिकटों का एक सेट, भारतीय सिनेमा की महान अभिनेत्रियों सावित्री, नूतन, मीना कुमारी, लीला नायडू, देविका रानी और कानन देवी के ऊपर जारी कर रहा है |

savitrinutanmeenakumari

leelanaiduDevikaraniKanandevi

INDIPEX-2011 विश्व टिकट संग्रह प्रदर्शनी के अवसर पर भारतीय डाक विभाग द्वारा महात्मा गांधी के ऊपर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया जा रहा है, जो टिकट "खादी" (Hand-spun Cotton Material) से बनाया जायेगा | भारत में इस् प्रकार की डाक टिकट पहली बार जारी होगी |



विश्व की पहली एअर मेल फ्लाइट ने १८ फरवरी को १९११ के दिन उड़ान भरी थी इस उड़ान के १०० वर्ष के उपलक्ष में १२ फ़रवरी २०११ को एक औपचारिक उड़ान का आयोजन इलाहाबाद से नैनी तक किया गया है | इस उड़ान में विशेष पोस्टमार्क वाले ५००० प्रथम दिवस विशेष कवर ले जाये जायेंगे | एक विशेष डाक टिकट भी इस अवसर पर १२ फरवरी २०११ को जारी की जाएगी |


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दोस्तों INDIPEX-2011, विश्व स्तर के डाक टिकट संग्रह देखने और दुनिया भर में डाक टिकट संग्रहको को मिलने का यह एक सुवर्ण अवसर होगा | आप सबको इस प्रदर्शनी में मिलने की अवस्य उम्मीद करता हूँ |

प्रिय दोस्तों,

एक लंबे अंतराल के बाद, मैं फिर से वापस मेरे हिन्दी ब्लॉग की शुरुआत कर रहा हूँ | अभी तक के मेरे कार्य और मेरे ब्लॉग आप लोगोने सराहना की है उसके लीये में आप सब का आभारी हूँ | मुझे यकीन है कि आपको ब्लॉग का नया रूप पसंद आएगा |


ब्लॉग की शुरुआत मैं हमारे एक सबसे वरिष्ठ philatelists श्री एच सी मेहता की पत्र लेखन के बारे भेजी हुई मनोव्यथा और भावनाओं के साथ कर रहा हूँ | आशा है आप सब उनकी भावनाओं के साथ सहमत होंगे |

आप का .....
प्रशांत पंड्या

६.२.२०११

पत्र लेखन और डाक टिकट संग्रह

क्या पत्र लिखने के दिन अब चले गये है क्या ? जवाब है हां | सेल फोन, इंटरनेट और ईमेल के दिनों में यह बिल्कुल सच है | इसका डाक टिकट संग्राहकों के ऊपर सीधा प्रभाव पड़ता है | आज हम अपने संग्रह के लिए mint stamps जरुर प्राप्त कर सकते है लेकिन used stamps मिलना या used covers मिलना आज कठिन हो गया है |  डाक विभाग के अंतर्देशीय पत्र आज अप्रचलित हो गए हैं | लोगों को अभी तक वाणिज्यिक लिफाफे (Commercial Covers) जो डाक घरों में उपलब्ध है उसके के बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए वे स्टेशनरी की दुकान पर भरोसा करते है और वहां से वाणिज्यिक लिफाफे खरीदते है |  मुख्य रूप से लिखित पत्राचार आज के दौर में आवेदन पत्र, सरकार पत्रों या निविदाएं आदि भेजने तक ही सिमित हो चूका है |


पत्र लेखन के ह्रासमान के साथ, अच्छे हस्ताक्षर भी आज गायब हो गए है | लेकिन आज भी एक पीढ़ी है जो अभी तक पत्र लेखन की सराहना करती आई है क्योंकि हाथ से लिखे हुए पत्र में एक निजी स्पर्श महसूस होता है | जब आप अपने प्रिय या स्वजन को पत्र लिखकर भेजेंगे तो वह पत्र आपकी अपनी भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है |


रीडर्स डाइजेस्ट के सितम्बर, 2010 के अंक मे प्रकाशित एक पत्र का उल्लेख यहाँ करना चाहूँगा |


"इस डिजिटल युग में हाथ से लिखा पत्र प्राप्त करना सुगंधित फूलों का एक गुलदस्ता प्राप्त करने की तरह है | हस्तलिखित पत्र पीढ़ियों और संबंधो को बाँधता हैं | " - नीना वजीर, शिमला.
मुझे उम्मीद है कि लोग फिरसे पत्र लिखने के शुरुआत करेंगे और वो भी अपनी लिखावट में | यह  उनके लिए खुशी की बात होगी | आज इस डिजिटल युग का सबसे बुरी बात यह है की पत्र के अंत में टिप्पणी दी जाती है की "यह एक कम्प्यूटरीकृत पत्र है इसलिए कोई हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं  है |" क्या आपको यह आपको पसंद आएगा ?




"The Charity begins at home." हम डाक टिकट संग्राहकों को अपनी लिखावट में पत्र लिखने की शुरुआत करनी चाहिए और लिफाफे के ऊपर स्मारक डाक टिकटों का उपयोग करना चाहिए |  मुझे आशा है कि मेरी अपील पर किसी का ध्यान पारित नहीं होगा |


सौजन्य: श्री एच सी महेता, नडियाद